फूड कॉम्बिनेशन (food combination )


हम जो खाना खाते है उसमे कही सारे पोषण तत्व (nutrients)होते है जैसे प्रोटीन ,कार्बोहाड्रेडस , फॅट ,विटामिन , मिनरल , फाइबर और पानी ! अपनी बॉडी के हिसाब से हर समय हर तत्व अपना काम करता है ! हर तत्व को काम करने के लिए सही सायोग होना जरूरी होता है ! अगर हमने गलत कॉम्बिनेशन लिया जैसे हमने प्रोटीन के साथ स्टार्च , फल जूस के साथ खाना , दूध के साथ खट्टा , जादा प्रोटीन जादा फैट तो फ़िर खाना पेट मे सड़ेगा !
सही खाना , सही समय पर ,सही कॉम्बिनेशन के साथ लिया जाए तो ओ खाना आपके लिए अमृत समान है ! लेकिन गलत खाना गलत समय पर ,गलत कॉम्बिनेशन से लिया तो वही खाना आपके जहर बन जाता है !
हेल्थी रहने के लिए संतुलित भोजन ले ना बहूत जरुरी होता है ! इसलिए हम अपने डाइट मै दूध, दही, फल , सब्जीया इत्यादी शामिल करते है ! लेकिन ये डाइट मै तभी पोषन देते है जब हम उसे सही कॉम्बिनेशन मे खाए ! अब सवाल ये आता है की फूड कॉम्बिनेशन लेने की जरुरत क्यों पड़ी ,पहले क्या था इंसान एक ही तरह खाना खाता था तो बॉडी क्या करती थी की उससे पूरे जूस निकाल कर उसे डाजेस्ट करती थि तो उस कन्डिशन मे पाचन मे कोही इशू आया ही नहीं ! लेकिन बहूत सारे कॉम्बिनेशन हमने मिक्स करना शुरू किये उसके बाद इस्तरह की समस्या ये पैदा होना शुरू हुई अब जनरली दाल ,चावल ,फ्रूट,नट्स दूध मेजर फूड तो यही है बाकी साइड मै फ्रूट सलटस वेजेटेबल यही सभ अब इसमे क्या कम्बाइन करना चाहिए की हमे कभी इंडाजशन की समस्या से उलज़ना नहीं पड़ेगा ! अब सवाल ये पैदा होता है की हम खाना क्यों खाते हो की हमारी बॉडी को मिले , लेकिन मिलने की बजे वही पर वह जूस कॉन्ट्रास्ट होने के बाद पेट मे सड़ गया फिर आपका खाना क्या कूड़ा हुआ ! बॉडी को एक बार मै एक प्रकार का स्टार्च या प्रोटीन देना चाईए !
हम कैसे पहचाने हम सही खाना खाते हो ! (symptoms )
हम जब जवान होते है तो हमे पता भि नहीं चलता की इंडिजेट्स क्या है बॉडी सरोंग होती है ! हम एक दो घंटे बाद कुच ना कुच खाते रहेते लेकिन सब डिजेस्ट होता है ! बाद मे आपका मेटाबोलिज़्म थोड़ा खराब होता है ! अपको रेगुरल अपने स्टूल (पॉटी) चेक करना होगा ! अगर आपका खाना सिम्पल कॉम्बिनेशन था तो स्टूल का रंग हल्का भोर होगा ,आकार मुलायम सोसेज जैसा ,असनिसे निकलेगा कोही बद्दू नहीं होगी ! दिन मै एक -दो बार पॉटटी कसने जाओंगे ! अगर अप गलत फूड कॉम्बिनेशन खा करे हो तो बहुत पतली या पानी जैसी पॉटी पॉटी का रंग बहुत काला या लाल होना बहुत बदबूदार या झाग वाली पॉटी दिन मै 2-3 बार से जादा पॉटी करने जाना ! इसका मतलाभ हम गलत हमारा खाना खाने का तरीका गलत है
हमे दिन मै कितनी बार खाना खाना चाहिए और कैसा खान खाना चाहिए ( What kind of food should we eat?)
कहते है जो दिन मै एक बार खाए उसे योगी कहते है , जो दिन मै दो बार खाए उसे भोगी कहते है और जो दिन मै तीन बार खाए उसे रोगी कहते है ! तो हमे किसी ने कहा की अप एक ही बार खाना खाओ अप स्वस्त रहोगे तो क्या होगा ! सबसे पहले हमे जो आदत है पूरे दिन मै पेट टट्ट होने तक खाना खाने की तो दो टाइम का खाना छोड़ देंगे तब देंगे ये सोच ही हमे मर देंगी ! चलो एक टाइम नहीं दो टाइम खाना खाते है ! रात मै खाना खाएंगे नहीं लेकिन ये सबके बस की बात नहीं ! कुच गिने चुने लोग ही है जो ऐसा कर पाते है बाकी कुच दिन करते है बाद मै छोड़ देते है ! तो हमे क्या करना है हमे ना योगी बनना है ना रोगी बनना है ! हमे तो बनना है निरोगी यानि स्वस्त रहना है !
*सलाद , फ्रूट और खाना इसके बीच मै काम से काम 20-25 मिनट का अंतर रखे !
*कभी भी खाने के ऊपर आयोडिन नमक ना डाले नमक हमेशा पका कर खाना चाहिए !
*दही मै कभी भी चीनी या नमक डालकर ना खाए ( एसा करंने से दही मै जो गुड
बैक्टीरिया होते है ओ मर जाते है !
*बेसन को उबाल कर या स्टीम करके खाना चाईये ! (दही बेसन की कड़ी बहूत हेल्थी होती है)
*बेसन और चीनी कभी एकसाथ नहीं खाना चाईये !
*कभी भी खाने मै शहद , गुड या चीनी डालकर ना खाए !
*कभी महीने मे एक दो बार त्योहार पर या किसी खुशी पर मिटाइया फास्ट फ्रूट खा सकते हो तब हमारी बॉडी कुछ संजोत करती है !
*मटन , मछली , अंडे के साथ कभी भि डेर प्रोडक्ट ( दूध दही घी ,पनीर ना खाए ) ना खाए !
*थंडे , खाने के ऊपर नींबू ना डाले , खाना पकाते वक्त नींबू ना डाले , खाना खाते वक्त नींबू डाले (दाल मै )
*घी कभी भि 70 डिग्री के ऊपर नहीं गरम करना (हमेशा गरम खाने मे ऊपर से घी डालना )
*रात के खाने मै खट्टा नहीं खाना चाईये !
*सोने से पहले जो खाना खाते हो ओ मसालेदर और ताल हुआ होना चाईये !
*सुबह जितना खाना खाते है उससे आधा खाना रात को खाना चाहिए !
*खाना हमेशा भर पेट नहीं खाना चाईये सिर्फ 70%-75% पेट भरना चाईये !
सुबह का खाना – सुबह का खाना स्टीम किया हुआ हो तो बहूत अच्छा !
सलाद (100-150g ) बिट, खीरा , ताजा नारियल , पनीर ,प्याज लाल /पीली शिमला मिर्च (काले और सफेद तिल जरूर डालना खासकर थंडी मै )
अंकुर (50g ) (मेथी , चना ) ,भिगे हुए बादाम, नट्स
फ्रूट (100-150g) अंगूर, ऑरेंगे, केला, चीकू, आम, सेब , स्ट्रॉबेरी , कीवी (सभी सीजनल फ़्रूट )
नाश्ता (250-300) पोहा , इडली , रोटी , उपमा , सब्जी , सोयाबी वड़ी , चिकन , अंडे (अंडा हमेशा हाफ फ्राय या आधा पक हुआ चाईये क्योंकि पूरा पकनेसे उसके अंदर के बैक्टीरिया मर जाते है )
दोपहर का खाना –12 बजे के बाद (जब सूरज माथे पे आए तब )उबला हुआ खाना होना चाईए !
सलाद-(100-150g )गाजर , शिमला मिर्च , मुली , चुकंदर , गोबी ( कलोंजी डाले )
फ्रूट – (100-150g )अनार, पपीता , सेब , अंजीर , आम , केला खजूर ,पपीता , अमरूद , तरबूज , खरबूज
खाना (250-300 g ) दाल चावल , रोटी , उबला हुआ आलू ,उबला हुआ चना , सभी पत्तीदार सब्जी , दाल ( डाल हिंग का तड़का लगाके , कटोरी मे डाल कर फ्रेश लिम्बू निचोरण सिर्फ कटोरीं खाने के समय ,पहले से ही नहीं डालके रखना ) चावल ,रोटी
कढ़ी , सोल कढ़ी , छाछ ,नरल पानी खाने के एक घंटा पहले ले
शाम का चाय नाश्ता चाय जो लेनी है ओ बिना चीनी की लेनी अगर अपको शुगर नहीं तो (गुड थोड़ा पानी चाय पत्ती अदरक ) , ग्रीन टी , स्टेविया वाली चाय , येलो टी , पिंक टी , ऑरेंग टी
सँक्स राइस पॉप , राइस पापड़ , बनाना चिप्स ( इसमे भि उतने ही गुण होते है जीतने रो बनाना मै , रो बनाना नहीं मिलता इसलिए )
रात त का खाना (200-250 g ) रात का खाना जादा मसालेदार और जादा ऑइली होना चाईये !
सलाद (50 g ) हरी प्याज , गोबी
फल –शाम के 4-5 बजे के बाद कोही फल नहीं खाना चाईये !
खाना (200-250 g ) रोटी, चावल , दाल , चिकन , मटन , मछली , पनीर , टुफू , सभी फल सब्जी( मूरींगा , भेंड़ी , काच्या केला )
खाने के कुच टाइम बाद बादाम मिल्क लेना !
सोल्यूशंस –गरीब की तरह खाओ आमिर की तरह जिओ ! जरा संजदारी से खाना खाओगे तो ना बिमारियों से उलजोंगे ना ! ना कोही खाने पर बंधन आएगा और स्वस्त भारी जिंदगी जिओगे !