फूड प्रोसेस क्या होता है
खाना हमारी जिंदगिका बहूत बाडा हिस्सा है !
जब इंसान की विकास(evolution) हो रही थि तब इंसान ने आग बनाना सिख लिया उसने देखा की फूड है ओ डेली तो नहीं मिल रहा है तो उसने उसको जादा दिन रखने के लिए उसमे नमक डालड़ा शुरू किया फ़िर उसने देखा की उसको उबलेंगे या पकाएंगे तो ओ पचाने मे आसान होता है और जादा दिन टिकता है इस तक सब ठीक था ! लेकिन उसके बाद इंसान ने उसको ओर प्रोसेस करके टेस्टी बनाने की कोशिश की ! इंसान ने जितनी तरक्की करना शुरू की उसकी जिंदग उतनी फास्ट होती गई अलग अलग आविष्कार करके उसको बेचना सुरू किया और जादा मुनाफा पाने की चक्कर मै उसने बहूत सारे केमिक डालना सुरू किया ! भारत मै पहले जल्दी बनाने वाला फूड था कचोरी समोसा चैट पकोड़े आदि ! लोगों के पास समय कम होने के कारण बाहर का खाना आसान और ट्रेंडी बन गया युवा पीढ़ी को नया स्वाद पसंद आने लगा ! पूरी दुनिया मै किसी को रोटी बानाना नहीं आट भारत मै हर महिलाको रोटी बनाना आटा है हमको सबकुछ आटा है फ़िर भि हम विदेशी खाना खाते है ! भारत की रसोई मै जितनी शोद हुई है उतनी दुनिया की किसी भि देश की रसोई नहीं हुई फ़िर भि हम विदेशी खाना जादा पसंद करते है ! पिज्जा बर्गन पास्ता नूडल्स ये सब विदेशी खाने है विदेशी भारत आते है भारत की सब्जी मसाले हर्ब्स इत्यादी लेकर जाते है !
भारत मै अलग अलग मुल्कोमै अलग अलग तरिको का खाना देखानेको मिलता है ! हर एक जगा का अपने हिसाब से खान होता है ! हमारे पुरवाजोने अपने क्लाइमेट और एनवारर्मेंट के हिसाब से खाना होता था ! घर का खाना ही अपने अप मै मिरीयकल होता था ! घर के खाने मै इतनी वरायटी होती उतनी काही पर देखनेको नहीं मिलती ! भारत का खाना जितना टेस्टि होता है उतनाही हेल्थी होता है !
आज की डेट मै जो फूड जादा तर खाने को पसंद कीये जाते है उसमे जादा परेजरवेटिवे डाले जाते है ताकि लंबे समय तक सुरक्षित रहे आर्टिफिशेल कलर डाले जाते है आकर्षक दिखने के लिए और अलग अलग सिरफ डाले जाते है टेस्ट बढ़ाने के लिए ! फूड को जब प्रोसेस किया जाता है तो फूड का जो बेसिक केमिकल कम्पोजिशन होता है ओ चेंज हो जात है एसा खाना खाने मै बहूत टेस्टि होता है दिखानें मे आकर्षक और बहूत काम समय मै आवेलेबाल होता है ! लिकीन उसमे पोषण नहीं होता ! एसा खाने से हमारे शरीर मै जो गुड बॅकट्रीया होते है ओ काम होने लगते है उसकी वजह से बॅड बॅकट्रीया बाढ जाते है और हमे मोटाफा और दिल की बिमारी होती है
अनप्रोसेस फूड ( unprocessed food )
अनप्रोसेस फूड जीसामे नेचर मे से अवैलेबाल चीज़े हम लोग कंजूम करते है ! सारे ऐनमल जो होते है ओ अनप्रोसेस फूड कंजूम करते है ! हम भि कुच चीज़े जैसे फ्रूट हानी वेजटेबल अनप्रोसेस कंजूम करते है ! फ़्रूड, सब्जी , सलाद , नट्स और शहद इत्यादी का समावेश होता है !
मिनिमम प्रोसेसस फूड (minimum processed food )
हमारे घर मै हम फूड को बॉइले करते है फ्राय करते है या फ़िर रोस्ट करते है तो उसे मिनिमम फूड प्रोसेस फूड प्रोसेस कहा जाता है ! खाने की टेस्ट है ओ बढ़ाती है और पचाने मै आसान होते है ! हमारी सेहड़ के लिए अच्छे होते है पचाने मै आसान और न्यूट्रीशन से भरपूर होते है ! डाल,चावल , रोटी , सब्जी
Processed food (प्रोसेसस फ़ूड )
प्रोसेस फूड यानि जो हमार फूड होता है ऊअकी जो टेस्ट है ओर बढ़ाने के लिए और उसकी सेल्फ लाइफ बढ़कर उसको अच्छा लुक दिया जाता है इसके लिए उसमे परेजरवेटिव डाला जाता है ! आटा , दही , पनीर , घी , आचार इत्यादी
अल्ट्र प्रोससेस फूड ( ultra processed food )
जब किसी फूड आइटम को लबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसमे परेजरवेटिव डाला जाता है !अलट्रा प्रोसेसे फूड मै नैच्रल फूड को रे किया जाता है किसी ओर फोरम मै य शेफ मै ! इसमे बहूत सारे केमिकल डाले जाते है अपनी टेस्ट को बढ़ाने के लिए ! चिप्स , केचप
आज के समय मै फास्ट फूड खाना एक आदत बन चुकी है लेकिन अपने कभी सोच है ये कितना खतरनाक है हमारी सेहद के लिए ! लेकिन याजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी के चलते हमे फास्ट फूड की ओर चलना पड़ता है ! फास्ट फूड हमारे देश का कल्चर नहीं है ! ओ वेस्टन की ओर से हमारे यहा आया है !
स्वाद कुच समय का होता है लेकिन उसका असर लंबे समय तक भोगना पड़ता है !
स्ट्रेट फूड( street food ) बाजार मै या सड़क के पास ठेले गाड़ी या छोटे-छोटे पर स्टॉल पर जो खाना मिलता है उसे स्ट्रीट फूड कहते है !
फास्ट फूड( fast food ) ऐसा खाना जो बहुत जल्दी तैयार हो जाए, तुरंत मिल जाए और खाने में आसान हो। यह आज की तेज़ जिंदगी (busy lifestyle) का हिस्सा बन चुका है।
जंक फूड (junk food ) जकन फूड उसे कहा जाता है जो अपको पक्करत मै उपलब्ध होते है ! पैकेट खोल और तुरत कहना शुरू किया लेकिन उसमे पोषण की मात्र जीरो होती है ! ये आकर्षक दिकते झाई और खाने मै स्वादिष्ट होते है इसीलिए हम उसकी मांग जादा करते है !
आज भारत मै जादा तर लोग मोटापा शुगर बीपी के शिकार होते दिख रहे है ये एक चिंता का विषय है इसको कंट्रोल करने के लिए हमे हमारे खाने पर विशेष ध्यान देना होगा ! जादा तर घर का खाना खाना चाईये !
जितनी अपनी बॉडी को जरूरत है उतनी मात्र मै पाणि पिना !
अपने माइन्ड को सेट करना है की जो खाना अपनी सेहड़ पर बुरा असर डालता है उसको पहचान ले और उसको कभिभि नहीं खाना
जो खाना अपनी सेहड़ के लिए अच्छा नहीं है उसको कभी नहीं खरीदना और उसको अपने घर या किचन मै भि नहीं रखना !
उसके लिए बेहतर दूसरा पर्याय ढूंड़ना होगा !